पीएम-किसान की 22वीं किस्त जारी: सिकरारा में सजीव प्रसारण देख किसानों में दिखा भारी उत्साह

सिकरारा: देश भर के करोड़ों किसानों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (PM-Kisan Yojana) योजना के तहत 22वीं किस्त की धनराशि जारी कर दी गई है। शुक्रवार की रात इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए सिकरारा ब्लॉक मुख्यालय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां Live Broadcast के माध्यम से किसानों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

पीएम-किसान की 22वीं किस्त जारी

इस अवसर पर न केवल बड़ी संख्या में स्थानीय किसान मौजूद रहे, बल्कि कृषि और प्रशासनिक विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और किसानों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया।

बड़ी स्क्रीन पर पीएम का संबोधन, खातों में पहुंचा पैसा

कार्यक्रम स्थल पर एक बड़ी स्क्रीन लगाई गई थी, जिसके जरिए स्थानीय किसानों ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन सुना। अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों और आधुनिक तकनीक के बढ़ते उपयोग पर विशेष जोर दिया।

कार्यक्रम का सबसे अहम पल तब आया जब प्रधानमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर 22वीं किस्त की धनराशि सीधे देश भर के किसानों के बैंक खातों (DBT) में हस्तांतरित की। इस प्रक्रिया के पूरा होते ही ब्लॉक परिसर में मौजूद किसानों के चेहरों पर खुशी और भारी उत्साह देखने को मिला।

किसानों के लिए वरदान है पीएम-किसान योजना

इस महत्वपूर्ण अवसर पर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि राकेश कुमार यादव मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने योजना के महत्व पर प्रकाश डाला।

राकेश कुमार यादव ने कहा, पीएम-किसान योजना आज के समय में किसानों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। इस सीधे आर्थिक सहयोग से किसानों को बुवाई के समय खाद, उन्नत किस्म के बीज और सिंचाई जैसी प्रारंभिक कृषि जरूरतों को पूरा करने में बड़ी मदद मिल रही है।

अधिकारियों ने साझा की विभागीय योजनाओं की जानकारी

Live प्रसारण कार्यक्रम को किसानों के लिए और अधिक ज्ञानवर्धक बनाने के लिए ब्लॉक स्तर के कई अधिकारी भी मंच पर मौजूद रहे।

कार्यक्रम में एडीओ को-ऑपरेटिव ब्रह्मजीत सिंह, एडीओ आरडी कृष्ण कुमार मिश्रा और एडीओ एजी सकल नारायण पटेल सहित अन्य प्रशासनिक व कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

इन अधिकारियों ने किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं, ग्रामीण विकास की रूपरेखा और कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न लाभकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी।

तकनीकी टीम ने सुलझाईं e-KYC और खेती की समस्याएं

पीएम-किसान योजना का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहे, इसके लिए e-KYC का पूरा होना अनिवार्य है। इसी को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग की एक विशेष तकनीकी टीम भी वहां मौजूद रही, जिसने मौके पर ही किसानों की समस्याओं का समाधान किया।

इस तकनीकी टीम में शशांक सोनकर (टीए), राकेश मौर्य (बीटीएन), यशक्त कुमार भारती (टीएसी) और अजय बहादुर यादव (एटीएम) शामिल थे।
इस टीम ने किसानों को पारंपरिक खेती से हटकर आधुनिक खेती के नए तरीके अपनाने के प्रति जागरूक किया। साथ ही, ‘मृदा स्वास्थ्य कार्ड’ के फायदे और ‘फसल बीमा योजना’ के तहत मिलने वाली सुरक्षा के बारे में भी किसानों को विस्तार से समझाया गया।

निष्कर्ष: किसानों में दिखा संतोष और उत्साह

कार्यक्रम के अंत में जैसे ही किसानों के मोबाइल फोन पर बैंक खाते में धनराशि जमा होने के मैसेज (SMS) आने शुरू हुए, पूरा ब्लॉक परिसर उत्साह के माहौल से भर गया। यह कार्यक्रम इस बात का प्रतीक रहा कि सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ जब अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचता है, तो उसका असर जमीनी स्तर पर कितनी सकारात्मकता लेकर आता है।

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