Donald Trump Tariff: सुप्रीम कोर्ट से झटका खाते ही भड़के ट्रंप, अब दुनियाभर पर थोपा 15% का नया ‘टैक्स बम’

वाशिंगटन: दोस्तों, हिंदी की एक बहुत ही मशहूर कहावत है—“रस्सी जल गई, पर ऐंठन नहीं गई।” अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताज़ा फैसलों को देखकर यह कहावत एकदम सटीक बैठती है।

इस नए Donald Trump Tariff के प्रभाव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर व्यापक असर पड़ेगा।

The Donald Trump Tariff will significantly change how international trade is conducted.

Donald trump tariff

हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप की ‘मनमानी’ पर ब्रेक लगाते हुए उनके ग्लोबल इंपोर्ट टैक्स (आयात शुल्क) को गैर-कानूनी करार दिया था। कोर्ट ने कहा कि ट्रंप ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया है। लेकिन ‘अमेरिका फर्स्ट‘ की जिद पर अड़े ट्रंप कहाँ रुकने वाले थे? अदालत से झटका खाते ही ट्रंप ने एक ऐसा ‘ब्रह्मास्त्र‘ निकाल लिया है, जिसने ब्रिटेन से लेकर यूरोप तक पूरी दुनिया के शेयर बाज़ारों और व्यापारिक घरानों में हड़कंप मचा दिया है। ट्रंप ने अब दुनिया भर से अमेरिका आने वाले सामानों पर 15% का नया ग्लोबल टैरिफ (Donald Trump Tariff) लगाने का ऐलान कर दिया है।

With the introduction of the Donald Trump Tariff, many businesses are reassessing their strategies to cope with the impact.

सुप्रीम कोर्ट का 'हंटर' और ट्रंप का 'ईगो'

पूरे विवाद की जड़ में है ट्रंप का वह फैसला, जिसमें उन्होंने 1977 के एक कानून (IEEPA) का इस्तेमाल करते हुए दुनिया भर के सामानों पर भारी टैक्स लगा दिया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के 9 में से 6 जजों ने इसे खारिज कर दिया और ट्रंप के इस कदम को शक्ति का अतिक्रमण (Overstepping) बताया।

जैसे ही यह फैसला आया, ट्रंप बुरी तरह भड़क गए। उन्होंने देश की सबसे बड़ी अदालत के जजों को “मूर्ख (Fools)” तक कह डाला और कोर्ट के फैसले को “बेहद घटिया और अमेरिका विरोधी” करार दिया।

The implications of the Donald Trump Tariff are being felt across various sectors.

10% से 15% का खेल: ट्रंप ने निकाला 1974 का 'जंग खाया' कानून

सुप्रीम कोर्ट ने 1977 के कानून पर रोक लगाई थी, तो ट्रंप ने अपना ‘प्लान बी’ एक्टिव कर दिया। उन्होंने 1974 के ट्रेड एक्ट के ‘सेक्शन 122’ का इस्तेमाल किया—एक ऐसा कानून जिसका आज तक कभी इस्तेमाल नहीं हुआ था।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ऐलान किया कि वह अब 10% नहीं, बल्कि अधिकतम 15% का नया टैरिफ लगाएंगे। यह नया कानून उन्हें बिना संसद (Congress) की मंजूरी के 5 महीने तक इस टैक्स को लागू रखने की ताकत देता है।

This decision to implement a Donald Trump Tariff has sparked debate among economists.

निष्पक्ष विश्लेषण: क्या ट्रंप की नीतियां 'फेल' हो रही हैं?

ट्रंप हमेशा छाती ठोककर कहते हैं कि यह Donald Trump Tariff अमेरिका के व्यापार घाटे (Trade Deficit) को कम करने और देश में नौकरियां वापस लाने के लिए है। लेकिन अगर हम आंकड़ों और तर्कों की बात करें, तो ट्रंप का यह दावा हवा-हवाई साबित होता है।

कड़वा सच (आलोचना): खुद अमेरिका के ताज़ा सरकारी आंकड़े बताते हैं कि ट्रंप के इन टैरिफ्स के बावजूद, इस हफ्ते अमेरिका का व्यापार घाटा 2.1% बढ़कर 1.2 ट्रिलियन डॉलर ($1.2 Trillion) के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है! यानी, जिस बीमारी को खत्म करने के लिए ट्रंप यह ‘कड़वी दवा’ (टैरिफ) पिला रहे हैं, वह बीमारी कम होने के बजाय और बढ़ रही है।

Critics argue that the Donald Trump Tariff is not achieving its intended goals.

अमेरिका में ही छिड़ी 'गृहयुद्ध' जैसी बहस

इस फैसले ने अमेरिका को ही दो फाड़ कर दिया है:

  • किसे नुकसान हुआ? वर्जीनिया के सोयाबीन किसान जॉन बॉयड जैसे लोग सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश थे, क्योंकि टैरिफ लगने से दूसरे देश भी जवाबी कार्रवाई करते हैं और अमेरिकी किसानों का माल बाहर नहीं बिकता।
  • किसे फायदा चाहिए? वहीं बाल्टीमोर में स्टील प्लांट चलाने वाले ड्रू ग्रीनब्लैट जैसे उद्योगपति निराश हैं। उनका मानना है कि विदेशी माल पर टैक्स लगने से ही अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।

As the Donald Trump Tariff takes effect, reactions from different states are varied.

ब्रिटेन और यूरोप की उड़ी नींद: ग्लोबल ट्रेड में मचेगा कोहराम

The Donald Trump Tariff is causing unrest among international trading partners.

ट्रंप के इस 15% वाले ‘टैक्स बम’ के छर्रे सबसे ज्यादा ब्रिटेन और यूरोप को लगे हैं। ब्रिटेन (UK) ने हाल ही में अमेरिका के साथ 10% टैरिफ की एक डील की थी। लेकिन व्हाइट हाउस ने साफ कर दिया है कि पुरानी डील्स भूल जाइए, अब सबको ‘सेक्शन 122’ के तहत 15% टैक्स देना होगा।

यूरोपीय संघ (EU) ने भी घबराकर अमेरिका के साथ अपने व्यापारिक समझौते की वोटिंग को टालने की बात कह दी है। जानकारों का साफ कहना है कि इससे दुनिया भर में महंगाई बढ़ेगी और ग्लोबल इकोनॉमी (वैश्विक अर्थव्यवस्था) कमजोर होगी।

Experts predict that the Donald Trump Tariff will lead to higher costs for consumers.

130 अरब डॉलर के 'रिफंड' का रायता

सबसे बड़ा पेंच यह है कि ट्रंप प्रशासन ने अब तक पुराने (गैर-कानूनी) कानून के तहत करीब $130 बिलियन (लगभग 10 लाख करोड़ रुपये) का टैक्स वसूल लिया है। अब अमेरिकी कंपनियां यह पैसा वापस मांग रही हैं। लेकिन ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वो आसानी से रिफंड नहीं देंगे और इसमें सालों लंबी कानूनी लड़ाई चलेगी।

The implications of the Donald Trump Tariff could extend beyond immediate economics, affecting diplomatic relations.

निष्कर्ष (Conclusion)

कुल मिलाकर, डोनाल्ड ट्रंप अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ की नीति पर इतनी तेजी से दौड़ रहे हैं कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट और ग्लोबल ट्रेड रूल्स (वैश्विक व्यापार नियमों) की भी परवाह नहीं है। यह ज़िद अमेरिकी अर्थव्यवस्था को ‘सुपरपावर’ बनाएगी या दुनिया भर के देशों को अमेरिका का दुश्मन बना देगी, यह आने वाले कुछ महीनों में साफ हो जाएगा।

In conclusion, the future of the Donald Trump Tariff and its impact remains uncertain.

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