LPG Gas Cylinder Shortage: देश में अचानक क्यों मची है रसोई गैस की हाहाकार? जानिए इस संकट का पूरा सच और सरकार का एक्शन प्लान

(नई दिल्ली): देश के कई बड़े शहरों में इन दिनों गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। दिल्ली से लेकर बेंगलुरु और मुंबई से लेकर चेन्नई तक, आम लोग रसोई गैस की डिलीवरी न होने या देरी से मिलने की शिकायत कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, LPG न मिलने के कारण कई होटलों और रेस्टोरेंट्स को अपना कामकाज बंद करना पड़ रहा है। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि दिल्ली हाईकोर्ट की कैंटीन को भी गैस की कमी के कारण अपना ‘मेन कोर्स’ (मुख्य भोजन) बनाना बंद करना पड़ा है।

LPG Gas Cylinder Shortage

आखिर अचानक देश में एलपीजी गैस सिलेंडरों की इतनी किल्लत क्यों हो गई? क्या वाकई देश में गैस खत्म हो रही है या यह सिर्फ एक पैनिक (घबराहट) है? आइए, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति से लेकर घरेलू बाजार तक, इस पूरे संकट का तार्किक विश्लेषण करते हैं।

आखिर क्यों पैदा हुई LPG गैस की यह समस्या?

इस गैस संकट की जड़ें भारत में नहीं, बल्कि मिडिल ईस्ट (खाड़ी देशों) में पनप रही हैं। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़े भीषण युद्ध ने पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार को हिलाकर रख दिया है।

  • सप्लाई चेन में बाधा: भारत अपनी प्राकृतिक गैस और एलपीजी जरूरत का लगभग आधा हिस्सा अंतरराष्ट्रीय बाजार (मुख्य रूप से कतर और अन्य खाड़ी देशों) से आयात करता है। ईरान द्वारा किए गए हमलों के बाद कतर की सरकारी कंपनी ‘कतर एनर्जी’ (QatarEnergy) को अपने कुछ गैस संयंत्रों में उत्पादन रोकना पड़ा है।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य का खौफ: समंदर के जिस रास्ते से गैस के जहाज भारत आते हैं, वहां हमलों का खतरा मंडरा रहा है, जिससे जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इसी आपूर्ति बाधा (Supply Disruption) के डर से भारत में लोगों ने पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) शुरू कर दी है।

आम जनता की जेब पर सीधा असर: 60 रुपये महंगा हुआ घरेलू सिलेंडर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतें बढ़ने का सीधा असर भारतीय उपभोक्ताओं पर पड़ा है। 7 मार्च 2026 को सरकारी तेल कंपनियों ने गैस सिलेंडरों के दामों में अचानक बड़ा इजाफा कर दिया, जो अप्रैल 2025 के बाद पहली बड़ी बढ़ोतरी है।

  • घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 किलो): इसकी कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अब दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये का हो गया है।
  • कमर्शियल गैस सिलेंडर (19 किलो): कमर्शियल सिलेंडरों की कीमत में 115 रुपये से 144 रुपये तक की भारी वृद्धि की गई है, जिससे दिल्ली में इसकी कीमत 1,884.50 रुपये के पार पहुंच गई है।

सरकार का सख्त एक्शन: 'एस्मा' और 25 दिन का नया नियम

घरेलू मांग को सुरक्षित रखने और इस संकट से निपटने के लिए भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ (Essential Commodities Act) लागू करते हुए कई बड़े और सख्त फैसले लिए हैं:

  1. 4 प्राथमिकता वाले सेक्टर तय: सरकार ने प्राकृतिक गैस के आवंटन के लिए चार प्राथमिक श्रेणियां (Priority Sectors) बनाई हैं। इसमें घरेलू रसोई गैस (LPG) और घरों में सप्लाई होने वाली पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को सबसे ऊपर (पहली प्राथमिकता) रखा गया है। यानी चाहे जो भी हो, आम घरों में गैस की सप्लाई 100% जारी रहेगी।
  2. बुकिंग का नया नियम (25-Day Rule): जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने गैस बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। पहले उपभोक्ता 21 दिन के बाद दूसरा सिलेंडर बुक कर सकते थे, लेकिन अब इस अवधि को बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। इसी नियम के कारण कई ग्राहकों की तत्काल बुकिंग रद्द हो रही है या सिस्टम जनरेट नहीं कर रहा है।
  3. उत्पादन बढ़ाने का निर्देश: सरकार ने IOCL, HPCL, BPCL और रिलायंस जैसी रिफाइनरियों को आदेश दिया है कि वे अपना एलपीजी उत्पादन तुरंत 25% तक बढ़ाएं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

निष्कर्ष: क्या आम जनता को घबराने की जरूरत है?

होटल और कमर्शियल सेक्टर (Commercial Sector) में सप्लाई को लेकर भारी किल्लत जरूर है, जिसकी वजह से रेस्टोरेंट अब इंडक्शन (इलेक्ट्रिक कुकटॉप) या कोयले वाले तंदूर की तरफ रुख कर रहे हैं। लेकिन, घरेलू उपभोक्ताओं को घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है।

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और तेल कंपनियों ने साफ किया है कि भारत के पास पर्याप्त गैस स्टॉक मौजूद है और घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है। बाजार में जो किल्लत दिख रही है, वह मुख्य रूप से पैनिक बुकिंग (Panic Booking) और नए 25 दिन वाले नियम के लागू होने के कारण आई अस्थायी तकनीकी अड़चन है।

प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई गैस एजेंसी संचालक या डीलर इस मौके का फायदा उठाकर कालाबाजारी करता है या ज्यादा पैसे वसूलता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्रोत:- यह रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार के घटनाक्रमों और भारत सरकार द्वारा जारी नवीनतम दिशानिर्देशों के आधार पर तैयार की गई है।

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