Bihar Revenue Department: हड़ताली CO पर सरकार सख्त, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने मंजूर किए 5 अफसरों के इस्तीफे

पटना: बिहार में भूमि एवं राजस्व विभाग (Bihar Revenue Department) को लेकर राज्य सरकार ने अब Zero Tolerance की नीति अपना ली है। राज्यभर में अंचलाधिकारियों (CO) और राजस्व कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के बीच, उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक बड़ा और सख्त प्रशासनिक कदम उठाया है।

Bihar Revenue Department

सरकार ने अपने कार्यों से स्पष्ट संदेश दे दिया है कि वह किसी भी दबाव या हड़ताल के आगे झुकने वाली नहीं है। इसी कड़ी में, विभाग के पांच अधिकारियों (जिनमें तीन महिला और दो पुरुष अधिकारी शामिल हैं) के त्यागपत्र को आधिकारिक तौर पर मंजूर कर लिया गया है।

हड़ताली कर्मचारियों को सख्त संदेश: 'दबाव की राजनीति नहीं चलेगी

अंचलाधिकारियों और कर्मचारियों की हड़ताल पर कड़ा रुख अपनाते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि सरकार जनहित के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।

विपक्ष या अन्य गुटों के प्रभाव की ओर इशारा करते हुए विजय सिन्हा ने स्पष्ट किया, “जो लोग CO और कर्मचारियों को यह कहकर बरगलाने का खेल खेल रहे हैं कि राज्य में सत्ता परिवर्तन होगा या NDA की सरकार बदलेगी, वे सावधान हो जाएं। ऐसा संभव नहीं है।” उन्होंने विभाग की पूर्व स्थिति पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग बिहार के लिए एक अभिशाप बन चुका था। इसे ठीक करना नितांत आवश्यक है और केवल काम करने वाले अधिकारियों को ही विभाग में सम्मान मिलेगा।

40 लाख पेंडिंग मामलों का अल्टीमेटम

सरकार की इस सख्ती के पीछे सबसे बड़ा कारण आम जनता से जुड़े वे महत्वपूर्ण कार्य हैं जो लंबे समय से अटके हुए हैं। मंत्री ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि राज्य में दाखिल-खारिज (Mutation) और परिमार्जन से जुड़े 40 लाख केस पेंडिंग हैं। इन मामलों का हर हाल में समाधान करना ही होगा। हड़ताल का सहारा लेकर अधिकारी अपनी इन प्राथमिक जिम्मेदारियों से भाग नहीं सकते।

किन 5 अधिकारियों का इस्तीफा हुआ मंजूर?

संबंधित जिलाधिकारियों की ओर से भेजी गई अनुशंसाओं और सभी आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद, बिहार राजस्व सेवा के जिन पांच अधिकारियों का त्यागपत्र मंजूर किया गया है, उनका विवरण इस प्रकार है:

  • अंशु कुमार: वैशाली जिले के गोरौल अंचल के तत्कालीन अंचलाधिकारी। (इस्तीफा 19 दिसंबर 2025 से प्रभावी माना गया है)
  • राजन कुमार: रोहतास जिले के बिक्रमगंज में तैनात राजस्व अधिकारी। (इस्तीफा 26 जून 2025 से प्रभावी माना गया है)
  • स्मृति कुमारी: हाजीपुर सदर की राजस्व अधिकारी। (इस्तीफा 20 अगस्त 2025 से प्रभावी मानते हुए स्वीकृत)
  • शिवांगी पांडेय: सारण जिले के परसा में कार्यरत राजस्व अधिकारी। (इस्तीफा 7 मई 2025 से प्रभावी माना गया है)
  • अंकिता वर्मा: रोहतास जिले के राजपुर की तत्कालीन अंचलाधिकारी। (इस्तीफा 27 अगस्त 2024 से प्रभावी माना गया है)

प्रशासनिक दृष्टिकोण: आगे क्या होगा?

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा औपचारिक आदेश जारी होने के बाद, इन पांचों अधिकारियों के इस्तीफे आधिकारिक तौर पर प्रभावी हो गए हैं और अब ये बिहार सरकार के अफसर नहीं रहे।

राजनीतिक और प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि सरकार का यह त्वरित फैसला हड़ताल कर रहे अन्य अधिकारियों के लिए एक कड़े ‘अलर्ट’ की तरह है। सरकार ने यह स्थापित करने का प्रयास किया है कि प्रशासन में अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं है और जनहित के कार्यों को बाधित करने वाले किसी भी कदम से सख्ती से निपटा जाएगा।

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